भइया छतरपुर के प्रशासन और नेता भी गजब है। जब प्रदेश में कोई घटना हो जाती है उसके बाद हमारे यहां आदेश आता है कि व्यवस्थायें दुरूस्त करना सुनिश्चित करें। आज से पहले तक कोई व्यवस्था सुदृण हुई हो ऐसा मुझे छतरपुर के नागरिक होंते हुए पता नही, बस 1 महीने व्यवस्थायें दुरुस्त करने की कागजी कार्यवाही शुरू हो जाती है और महीने भर में लेन देन द्वारा कागज पर दुरुस्ती की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाती है। किसी भी जन प्रतिनिधि को ये नही लगता कि छतरपुर का विकास हो। बस बड़े नेता का स्वागत करवा लो। अभी अपने शहर में अच्छा फायर स्टेशन तक नही है। पार्क के नाम पर 25 करोड़ खर्च कर सकते है लेकिन 5 फायर फाइटिंग गाड़ियां नही खरीद सकते, जो कम से कम शहर और आस पास के इलाकों के लिए हर वर्ष होने वाली आगजनी की घटनाएँ रोकने में काम आए। भइया अपनो छतरपुर हमें बढिया बनाने आय। जय राम जी की।
Mudda
मुद्दा ब्लॉग समाज में व्याप्त समस्याओं को उठाना है.