विशाल वहुमत के साथ NDA और भाजपा ने अपने विरोधियों को नेस्ताबूत कर दिया. और जनता के बीच एक नया उन्माद पैदा हो गया है एक आशा सभी के मन में जाग गई कि अब शायद “अच्छे दिन आने वाले है”, लेकिन ये अच्छे दिन किस रूप में आयेंगे? क्या भारत एकदम से सुपरपॉवर बन जायेगा? महंगाई खत्म हो जाएगी? बेरोजगारों को रोजगार मिल जायेगा? किसानो का भला हो जायेगा? इन सवालो को हम रोज न्यूज़ चैनलों पर बहस के रूप में देख रहे है. कई न्यूज़ चैनलों ने तो गणनाएं करके भविष्यबाणी भी कर दी है कि सरकार क्या-क्या और कैसे काम करेगी. लेकिन इन सब के बीच एक बात तो स्पष्ठ है कि कुछ तो बदलाव दिख रहा है. बात करे भारतीय बाज़ार कि तो संवेदी सूचकांक में चुनाव परिणाम के बाद से एकदम उछाल देखने को मिल रहा है. निवेशक भी लौट कर आ रहे है. कई बड़ी कंपनियों ने तो भारी निवेश कि मंशा भी जता दी है. सोने में भी गिरावट देखने को मिल रही है. बाज़ार में सब्जियां भी स्थिर और कम दाम पर मिल रही है. रियल एस्टेट मार्किट भी गिरावट कि जगह स्थिर सा लग रहा है लोग दोबारा से निवेश में रूचि ले रहे है. इन कुछ परिस्थतियों को देखकर तो लगता है कि कुछ भरोसा बाज़ार में...
मुद्दा ब्लॉग समाज में व्याप्त समस्याओं को उठाना है.