सफेद दाग को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह की गलत धारणाएं हैं। सचाई यह है कि हमें-आपको यह बेशक कोई बीमारी लगती हो, डॉक्टरों की निगाह में महज कॉस्मेटिक प्रॉब्लम है। ऐसे में आप अपने मन से दाग निकालिए क्योंकि सफेद दाग वाला शख्स पूरी तरह नॉर्मल है। क्या है सफेद दाग? -एक ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर है। ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) उलटा असर यानी शरीर को ही नुकसान पहुंचाने लगती है। -सफेद दाग के मामले में खराब इम्यूनिटी की वजह से शरीर में स्किन का रंग बनाने वाली कोशिकाएं मेलानोसाइट(melanocyte)मरने लगती हैं। इससे शरीर में जगह-जगह उजले धब्बे बन जाते हैं। -सफेद दाग को वीटिलिगो, ल्यूकोडर्मा, फुलेरी और श्वेत पात नाम से भी जाना जाता है। कितने तरह के सफेद दाग शरीर में फैलाव के आधार पर सफेद दाग को नीचे लिखी कैटगरी में बांटा जा सकता है: -लिप-टिप: होठों और हाथों के ऊपर -फोकल: शरीर में एक-दो जगह पर छोटे-छोटे सफेद दाग -सेग्मेंटल: एक पूरे हिस्से में, मिसाल के लिए पूरे हाथ या पांव में सफेद दाग होना -जनरलाइज्ड: शरीर के कई हिस्सों में सफेद दाग का फैलना क्या हैं लक्षण? -जब स...
मुद्दा ब्लॉग समाज में व्याप्त समस्याओं को उठाना है.